वैचारिक जागरूकता किसी भी समाज के विकास का आधार होती है । सोच बदलो गांव बदलो यात्रा के मूल उद्देश्य गांवों में जन जागरूकता और विकास के प्रति जनचेतना पैदा करना, गांव की समस्याओं और संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श, गांव के विकास में गांववालों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना, सरकारी योजनाओं की समुचित जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना इत्यादि हैं। वर्तमान परिदृश्य में हमारे गाँवों में जागरूकता का अभाव, शिक्षा का निम्न स्तर, अच्छी सरकारी नौकरियों की कमी, आधारभूत सुविधाओं (जैसे पीने योग्य पानी, पक्की सड़क, घरों में शौचालय) का अभाव, क्षेत्र में रोजगार के कम अवसर / विकल्प, अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव, पानी की कमी के कारण कमजोर खेती, सरकारी योजनाओं व विकास कार्यक्रमों के विषय में जानकारी का अभाव, इन सबके चलते हमारे ग्रामीण परिवेश के लोगों की स्थिति अच्छी नहीं है। इन समस्याओं का समाधान खोजने के लिए, हमारी युवा पीढ़ी ने "सोच बदलो - गाँव बदलो यात्रा" निकालने का निश्चय किया है|
पानी को लेकर पूरी दुनिया में बढ़ने वाली मुश्किलों के चलते बेहतर है कि बारिश की एक-एक बूँद को बचाया जाए और हर नागरिक को अपनी इस जिम्मेदारी का अहसास कराया जाए। सदियों से हमारे पूर्वज इस दिशा में काम करते रहे हैं। हाल-फिलहाल में भी इस दिशा में तेजी से काम हुआ है।